सत्यम सिंह ठाकुर, गुजरात
वड़ोदरा साइबर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ कर गिरोह के ५ सदस्यो को गिरफ्तार किया है जो मोबाइल एप के जरिये इंस्टेंट लोन के नाम पर लाखों की ठगी करते थे और पैसे क्रिप्टो करंसी में कन्वर्ट कर चीन भेज देते थे। ग्राहक द्वारा लोन ऐप डाउनलोड करने के बाद उनके कांटेक्ट , गैलरी और कैमरे की एक्सेस पेर्मिशन मोबाइल में ले ली जाती है। जब वसूली हो जाती है तो ग्राहक की मॉर्फ फोटो उसकी संपर्क सूची में शामिल लोगों को भेज दी जाती है। फिर हर्रेसमेंट धमकी और उगाही का काम दूसरी टीम करती है।
राज्य के कई ठिकानो पर लोन के बहाने लोगो से लाखो वसूलने वाला ये चाइनीस गिरोह का भंडाफोड़ तब हुआ जब वड़ोदरा के एक शख्स ने इनके एप को डाउनलोड कर ढाई लाख की लोन ली जिसके एवज में साढ़े सात लाख भरने के बाद भी गैंग के सदस्य और ज्यादा पैसे की उगाही करने लगे और पैसे न देने पर गिरोह के लोग लोन लेने वाले युवक और उसकी माता की अश्लील मॉर्फ की गई तस्वीरें भेज उसे सोशल मीडिया में वायरल कर बदनाम करने की धमकी देने लगे। जिसके बाद युवक ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज की और ये गिरोह पकड़ा गया।

पुलिस की जांच में पता चला है की ये अंतरराष्ट्रीय रैकेट चीन से संचालित होता था और इस गिरोह ने अपने कारनामो को अंजाम देने के लिए 10 फ्रॉड कंपनियां बनाई थीं और अब तक 10 कंपनियों के 33 बैंक खातों के जरिए 67 लोगों से ठगी कर चुका है। वहीं नेशनल साइबर क्राइम रजिस्ट्रेशन पोर्टल में भी देशभर से इस गिरोह के बारे में शिकायते आई थी ।5 आरोपियों में उमंग पटेल टेलीग्राम के जरिए चीनी लोगों के संपर्क में था और करंट और सेविंग अकाउंट खुलवाता था, यूजर आईडी और पासवर्ड बनाता था और पैसे ट्रांसफर करता था.। उमंग पटेल ने मार्च में मलेशिया के कुआलालंपुर में चीनी लोगों से मुलाकात की थ।
ये गिरोह हर दिन 20 लाख रूपये क्रिप्टो में बदल कर चीन ट्रांसफर किया करता था। तत्काल कर्ज आवेदन और निवेश की आड़ में चीन से चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय रैकेट में वडोदरा साइबर क्राइम ने गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है और इस बारे में और छानबीन कर रही है












