
भारतीय संविधान में संसदीय शासन प्रणाली को अपनाया गया है। इसके अनुसार राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है। संविधान के अनुच्छेद 164 यह लिखा गया कि मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल
करेगा। अनुच्छेद 164(1) के तारतम्य में उसको शपथ दिलायी जाती है। संसदीय शासन व्यवस्था की परम्परा के अनुरूप राज्यपाल बहुमत प्राप्त पार्टी या गठबंधन विधायक दल के नेता को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 163 (1) के तहत राज्यपाल को अपने कार्यों का संपादन करने में सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रीपरिषद का गठन होती है,जिसका प्रधान मुख्यमंत्री होता है। मुख्यमंत्री की सलाह पर राज्यपाल अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करता है। अर्थात राज्यपाल द्वारा मंत्रिपरिषद के सदस्यों को भी शपथ दिलाई जाती है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से राजभवन में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की। उन्हें औपचारिक रूप से अवगत कराया गया कि 24 मार्च, 2022 को लोकभवन में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से योगी आदित्यनाथ को भारतीय जनता पार्टी का विधायक दल का नेता चुना गया है।

इस परिप्रेक्ष्य में योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में एवं उनके मंत्रिमण्डल के शपथ ग्रहण हेतु आवश्यक निर्देश जारी किये जाये। राज्यपाल ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुये 25 मार्च, 2022 बजे अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, लखनऊ में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन रखा है। राज्यपाल ने उनसे यह भी अनुरोध किया है कि अपने प्रस्तावित मंत्रिमण्डल के सहयोगियों को शपथ दिलाने हेतु उनकी सूची भी प्रस्तुत करें ताकि ‘भारत का संविधान’ के अनुच्छेद 164(1) के तारतम्य में शपथ दिलायी जा सके। इसके बाद कार्यवाहक मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता योगी आदित्यनाथ जी ने भी राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया।














