सत्यम ठाकुर , ब्यूरोचीफ, गुजरात
गुजरात प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी रघु शर्मा के एक बयां के बाद गुजरात में परप्रांतियों को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले रघु शर्मा पार्टी में नई जान फूंकने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में परप्रांतिय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में शर्मा द्वारा दिए गए बयान पर सियासत गरमा रही है. रघु शर्मा ने बैठक में कहा था की परप्रांतीय गुजरात में डर महसूस कर रहे हैं, जिसपर अब बीजेपी ने पलटवार किया है तो वही कांग्रेस के दूसरे नेता रघु शर्मा के बचाव में उत्तर आये है
परप्रांतियों को लेकर शुरू हुयी राजनीतिक बयानबाजी ने गुजरात में राजनीतिक माहौल गरमा दिया है , रघु शर्मा जहां गुजरात में परप्रांतियों के डरे हुए होने की बात कह रहे है वही भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल ने के मुताबिक रघु शर्मा गुजरात के बारे में जानकारी नहीं रखते , बहरहाल रघु शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सीआर पाटिल ने कहा की ये गुजरात और गुजरटीओ का अपमान है ,पाटिल ने कहा कि गुजरातियों ने देश में ज्यादातर परप्रांतियों को कोरोना काल में बचाया था। पाटिल के मुताबिक गुजरात एक मात्र ऐसा राज्य है जहा परप्रांतीय बिना किसी भेदभाव और खौफ के रोजगार और व्यापार करते है लेकिन उन्होंने रघु शर्मा से ये जरूर पूछा है कि उद्योगपति राजस्थान से दूसरे राज्यों में क्यों जा रहे हैं।
ऐसे में अब गुजरात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अर्जुन मोढवाडिया भी अपने प्रभारी रघु शर्मा के सुर में सुर मिलाते हुए कहते नज़र आये की गुजरात में हर कोई भय के माहौल में जी रहा है , गौरतलब है की गुजरात प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रघु शर्मा ने एक बैठक में बयान देते हुए कहा कि गुजरात में बीजेपी के राज में बाहर से आने वाले लोगों को डर लग रहा है. गुजरात में भयमुक्त वातावरण होना चाहिए। गुजरात की आर्थिक स्थिति में बाहरी लोगों का बड़ा हाथ है. फिर राजस्थान और अन्य क्षेत्रों के लोगों को यहां डर क्यों लगता है?
















