केयूर, गुजरात
- मोरबी पुल हादसे को लेकर गुजरात हाई कोर्ट ने सुनाया महत्वपूर्ण फैसला
- ओरेवा कंपनी पीड़ितों को चुकाएगी 10 लाख का मुआवजा
मोरबी पुल हादसे को लेकर गुजरात हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए आज हाईकोर्ट में अपने एक अंतरिम आदेश के तहत ओरेवा कंपनी को प्रति पीड़ित 10 लाख का मुआवजा चुकाने का आदेश दिया है ओरेवा कंपनी यह मुआवजा दो किस्तों में चुकाएगी।

मोरबी पुल हादसे में मारे गए मृतकों के परिजनों को कंपनी को तुरंत 5 लाख रुपए देने होंगे और उसके 2 हफ्ते बाद और ₹5 लाख देने होंगे इस तरह से कुल ₹10लाख का मुआवजा ओरेवा कंपनी पीड़ितों को चुकाएंगे । इस मामले में पहले कंपनी की ओर से गुजरात हाईकोर्ट में 5 करोड़ तक की धनराशि मुआवजे के तौर पर चुकाने किं पेशकश की गई थी जिसके तहत प्रति पीड़ित ₹3 लाख दिए जाने थे जिसे हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया था।

मुआवजे को लेकर हाईकोर्ट ने ओरेवा कंपनी के संचालकों को पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था के मुआवजा चूका देने से न तो उनके अपराध की गंभीरता कम होगी और न ही इस मामले में वह आपराधिक कानूनी कार्रवाई से बच सकते।

गौरतलब है कि 30 अक्टूबर 2022 को मोरबी के मच्छु नदी के ऊपर बना झूलता पुल टूट गया था और उस पर सवार उस वक्त 400 के करीब लोग नदी में गिरे थे जिनमें से 135 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे।

इस पुल की मरम्मत और संचालन को लेकर बड़ी गड़बड़ी पाई गई थी जिसकी कई खामियां एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में उजागर की है इस मामले में ओरेवा के एमडी जयसुख पटेल सहित अब तक कुल 10 लोग गिरफ्तार हैं















