रोशन सिंह, गुजरात
आज फ्रेंडशिप डे है हिंदी में से मित्रता दिवस कह सकते हैं। पूरी दुनिया ऐसे फ्रेंडशिप डे के नाम से मनाती है। आज हम ऐसे शक्श की बात कर रहे हैं जिसकी दोस्ती परिंदों से है। एक नहीं हजारों परिंदे उसके दोस्त हैं और इनका नाम है हसमुखभाई डोबरिया। यह राज जूनागढ़ जिले के केशोद गांव में रहते हैं इनके मित्र हर रोज उनसे अचूक मिलने आते हैं।
सुबह होते ही इनके दोस्तों की कतार लग जाती है। जिसमें तोते गौरैया और अलग-अलग प्रकार के पल परिंदे हसमुख भाई के घर से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे होते इनके लिए हसमुख भाई ने एक विशेष प्रकार की व्यवस्था भी की है इन सब को बैठने के लिए लाखों रुपए खर्च कर आशियाना बनाया है।
शुरुआत में यह दोस्ती दो परिंदों से हुई थी अब यह हजारों तक पहुंच गई है शुरुआती दिनों में दो परिंदों को इन्होंने बाजरी के दाने खिलाए इसके बाद परिंदे रोज घर के दरवाजे पर आने लगे हसमुख भाई का भी लगाव बढ़ता गया और उन्होंने इसके लिए पाइप और स्टील से खास प्रकार का मंच तैयार किया जिस पर हजारों परिंदे जाकर रोज बैठते हैं हसमुख भाई अब अकेले नहीं पूरा परिवार इन परिंदों की सेवा करता है हर साल करीब डेढ़ से दो लाख रुपए की बजरी और ज्वार वह इन परिंदों को खिलाते हैं सुबह होते ही इन परिंदों की आवाज शुरू हो जाती है परिवार के सभी लोग ज्वार और बाजरी लेकर इन परिंदों को खिलाते हैं और अब यह आकर्षण का केंद्र है।

यह सिलसिला पिछले 26 सालों से लगातार जारी है इनके बनाए गए खास प्लेटफार्म पर हजारों परिंदे आकर रोज बैठते हैं करीब 7000 परिंदे रोज आते हैं जिसमें तोते गिलहरी कबूतर गौरैया प्रमुख रूप से हैं बगैर किसी भय के परिंदे यहां पर अपना दाना चुनते हैं पंछियों के साथ इनकी यह दोस्ती वाकई काबिले तारीफ है और खास बात यह है कि वह ऑर्गेनिक तरीके से उगाई गई ज्वार और बाजरा परिंदों को खिलाते हैं।















