Home राज्य उत्तर प्रदेश Total Samachar लखनऊ के विराम खंड-5 में मनाया गया पृथ्वी दिवस

Total Samachar लखनऊ के विराम खंड-5 में मनाया गया पृथ्वी दिवस

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डा. भरत राज सिह*,
पर्यावरणविद व अध्यक्ष, विराम-5, जनकल्याण समिति
महानिदेशक, स्कूल ओफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ ।
ईमेल :brsinghlko@yahoo.com मोबाइल  9415025825

हम जानते हैं कि पृथ्वी दिवस हर साल 22 अप्रैल को दुनिया में सबसे बड़े धर्मनिरपेक्ष अनुष्ठान के रूप में मनाया जाता है। यह पर्यावरण संरक्षण का दिन है और अब यह दुनिया भर में स्वच्छ आवास के लिए बड़े पैमाने पर जोर दे रहा है। पृथ्वी दिवस मनाना इस बात का प्रमाण है कि एक व्यक्ति सकारात्मक तरीके से वैश्विक प्रभाव डाल सकता है।

1970 के दशक के दौरान अमेरिकी देश वियतनाम युद्ध के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहा था, लेकिन पर्यावरणीय मुद्दे की लागत भी बड़े पैमाने पर बढ़ रही थी। अमेरिकी बड़ी कारों को चला रहे थे जो सीसा वाले गैसोलीन पर चलती थीं। कारखाने, रासायनिक संयंत्र, तेल उद्योग फलफूल रहे थे लेकिन वायु प्रदूषण और पर्यावरणीय कचरे का उत्पादन भी था। आज के विपरीत, अधिकांश लोगों के लिए ग्रह का स्वास्थ्य मुख्य रूप से उच्च प्राथमिकता नहीं थी क्योंकि वे आम दैनिक प्रथाओं के खतरनाक दुष्प्रभावों से अनजान थे।

1990 में दुनिया भर के 141 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 200 मिलियन से अधिक लोग पृथ्वी दिवस मनाने और वैश्विक स्तर पर पर्यावरण सुधार के लिए जोर देने के लिए एक साथ आए थे। अब हर साल हम प्रकृति संरक्षण को चिह्नित करने के लिए 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाते हैं।

पृथ्वी की सुरक्षा में भाग लेने और पृथ्वी को एक सुरक्षित स्थान बनाने के कई तरीके हैं। उदाहरण के लिए, जल संरक्षण, पुनर्चक्रण और ऊर्जा की बचत पर्यावरण की रक्षा के सभी महत्वपूर्ण भाग हैं जो आपके बच्चे या आपकी कक्षा में बच्चे योगदान दे सकते हैं। अपने दांतों को पानी से साफ करने से लेकर कमरे में न होने पर लाइट बंद करना याद रखना, ये छोटे कदम ग्रह पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।

अध्यक्ष, विराम खंड-5, जनकल्याण समिति एवं महानिदेशक, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ सहित अन्य सदस्य राकेश जेटली, खंड प्रभारी, अरुण त्रिवेदी, सचिव एवं इंजी. एसबीएल मेलहोत्रा और अन्य सदस्य व निवासियो ने वसंती पार्क में एक वैठक आज 22 अप्रैल 2023 को आहुत की और प्रकृति को संरक्षित करने हेतु, विराम खंड के निवासियों और एसएमएस के छात्रों और संकाय सदस्यों के बीच इसे बढ़ावा देने कईं साथ-साथ पौधारोपण, और जल संरक्षण का भी संकल्प लिया ।

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