अमरदीप सिंह, संवाददाता, गुजरात

गुजरात पेपर लिक मामले में भले ही दोषियों की गिरफ़्तारी हो चुकी है लेकिन आयोग के अध्यक्ष आसित वोरा के इस्तीफे को लेकर अब गुजरात की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और आप पार्टी सत्ताधीश बीजेपी पर जमकर हमला बोल रही है , इस मुद्दे ने अब पूरी तरह राजनितिक रंग ले लिया है , छात्र संगठनो के विरोध को अब कांग्रेस और आप पार्टी ने हाई जेक कर बीजेपी को हर तरफ से घेरना शुरू कर दिया है वही सोशल मीडिया में भी आयोग के अध्य्क्ष के इस्तीफे को लेकर धावा बोल दिया गया है जो काफी ट्रेंड हो रहा है ऐसे में बीजेपी के लिए संकट गहराता नज़र आ रहा है राज्य सरकार इस एग्जाम के लीक होने की बात स्वीकार कर चुकी है. इसके चलते एग्जाम को रद्द कर दिया गया है. सरकार की तरफ से इस एग्जाम को फिर से अगले साल मार्च में कराने की बात कही गई है. वहीं पुलिस अभी तक इस मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.

गुजरात में हेड क्लर्क की परीक्षा का पेपर लिक हुआ हजारो विद्यार्थीओ की मेहनत जाया हो गई उनका भविष्य एक बार फिर आधार में लटक गया सरकार ने फिर से मार्च में परीक्षा लेने का एलान भी कर दिया मगर इतना अच्छा मौका भला राजीतिक पार्टिया कैसे यु ही जाने दे सकती है लिहाजा सारी बात अब सरकार में बैठी बीजेपी को घेरने और आयोग के अध्यक्ष आसित वोरा के इस्तीफे पर अटक गई है जिसे लेकर विपक्ष में बैठी कांग्रेस और गुजरात में कांग्रेस का विकल्प बनने की जुगत में बैठी आप पार्टी जमकर हमलावर हो गई है और आंदोलन धरना प्रदर्शन के सहारे राज्य भर में बीजेपी के खिलाफ सड़को पर उतर आई है इसी के तहत 20 दिसंबर को आम आदमी पार्टी (AAP) के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने गांधीनगर स्थित BJP मुख्यालयक के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान AAP और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई. पुलिस ने उनके ऊपर लाठीचार्ज किया.AAP के कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ पुलिस ने IPC की धारा 120 B के तहत आपराधिक मामले दर्ज किए.कई आप नेता इस मामले में अभी भी जेल में है जिसके बाद आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं ने असित वोरा के इस्तीफे की मांग करते हुए अहमदाबाद डीएम कार्यालय के बाहर धरना देने की कोशिश की. हालांकि, पुलिस ने उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर लिया

इस पुरे मुद्दे को आप पार्टी हथिया न ले इस लिए कांग्रेस भी चुप नहीं बैठ रही और रोज राज्य के अलग अलग जिलों में जमकर विरोध प्रदर्शन कर रही है अहमदाबाद में बाइक रैली निकाले उसके पहले ही पुलिस ने कोंग्रेसी कार्यकर्ताओ को गिरफ्तार कर लिया तो सूरत में सड़को पर उतरे कोंग्रेसी कार्यकर्ताओ को पुलिस घसीट घसीट थाने ले गई , वही कई जिलों ने कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन कर आसित वोरा के इस्तीफे की मांग की आम आदमी पार्टी और कांग्रेस लगातार राज्य की BJP सरकार पर वोरा को बचाने का आरोप लगा रही हैं. उनका कहना है कि जब तक वोरा बोर्ड के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे, तब तक पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो पाएगी.

इस बीच सोशल मीडिया में भी असित वोरा के इस्तीफे की मांग ट्रेंड कर गई और सोशल मीडिया पर भी एक तरह का आंदोलन छिड़ गया दोनों ही पार्टियों के अलावा छात्र संगठन लगातार असित वोरा की तरफ से की गई कथित आपराधिक लापरवाही का आरोप लगा रहे है वही उनका ये भी सवाल है की कैसे सानंद स्थित प्रिटिंग प्रेस को गुजरात गौण सेवा पसंगी मंडल की तरफ से पिछले तीन साल में लगातार सरकारी परीक्षाओं के पेपर प्रिंट करने का ठेका मिलता रहा है ऐसे में ये भी कहा जा रहा है की असित वोरा की तरफ से ठेका देने की प्रक्रिया का सही से पालन नहीं किया गया, जो उनकी तरफ से की गई आपराधिक लापरवाही की तरफ इशारा करता है. इससे पहले भी 2019 में गैर-सचिवीय क्लर्क पदों के लिए कराए गए एग्जाम का पेपर लीक होने में सानंद प्रिंटिंग प्रेस का नाम सामने आया था.हालांकि असित वोरा के विवादित कार्यकाल पर सरकार की चुप्पी उनकी मंशा पर भी सवाल खड़े करती है क्यूंकि इस साल सितंबर में गुजरात अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष के तौर पर उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था बावजूद राज्य सरकार की तरफ से इसे बढ़ा दिया गया. जबकि उनके कार्यकाल में पिछले पांच साल में बोर्ड की तरफ से आयोजित किए गए चार एग्जाम रद्द हो चुके हैं गौरतलब है की असित वोरा भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता रह चुके हैं. पार्टी की ही टिकट पर वो अहमदाबाद के मेयर बने थे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here