25वाँ राष्ट्रीय प्राद्यौगिकी दिवस 2023 का सुल्तानपुर रोड स्थित स्कूल ओफ मैनेजमेंट साइंसेज में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमे तकनीकी समवर्ग के सभी शिक्षक व प्रयोगशाला प्रशिक्षकों ने अपनी भागीदारी के साथ इस दिवस को हर्षोल्लास से मनाया । उक्त संगोष्ठी में छात्रों एवं अद्यापको के साथ मुख्यकार्यकारी अधिकारी- श्री शरद सिंह, निदेशक- डा. मनोज मेहरोत्रा, महानिदेशक (तकनीकी) डा. भरत राज सिह आदि ने उपस्थित होकर अपने-अपने विचार रखे।

इस अवसर पर कॉलेज के सी0ई0ओ0 श्री शरद सिंह ने भारतवर्ष के द्वारा 11 मई 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण को देश की सुदृढ़ता के लिये एक मील के पत्थर बताया जिससे देश तकनीकी विकास में आज दुनिया में अपना स्थान बना चुका है। निदेशक- डा. मनोज मेहरोत्रा ने अपने उद्बोधन में बताया कि भारत अब विश्व स्तर पर प्रौद्योगिकी लेनदेन के लिए सबसे आकर्षक निवेश स्थलों के मामले में तीसरे स्थान पर है और वैज्ञानिक क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है। महानिदेशक (तकनीकी) डा. भरत राज सिह ने अपने व्याख्यान में कहा कि 21वीं सदी में, भारत विश्व स्तर पर अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए शीर्ष पांच देशों में अपना स्थान पाया है, जो निश्चित रूप से यह दर्शाता है कि भारत ने वैज्ञानिक क्षेत्र व अंतरिक्ष अन्वेषण में, अपने चंद्रमा मिशनों और ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के साथ काफी प्रगति के शाथ अपनी पहचान बनायी है । इसके साथ ही एस.एम.एस. में 2008 से 2022 तक तक्नीकी क्षेत्र में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला और सी.वी. रमन, वेदिक विज्ञान , कलाम सेन्टर व उद्यमी केंद्र में हुये विकास को विस्तृत रूप से बताया तथा एस.एम.एस. द्वारा कराये गये 10 से अधिक पेटेंट का भी जिक्र किया, जिसमे से कुछ व्यवसायीकरण की स्थिति में पहुच चुके है ।
कार्यक्रम का सन्चालन डॉ. हेमन्त कुमार, डीन-तक्नीकी, स्वागत डा. धर्मेंद्र सिन्ह सह-निदेशक तथा धन्यवाद प्रस्ताव डा. पी.के. .सिह डीन-छात्र कल्याण द्वारा पारित किया गया । इस अवसर पर कॉलेज के मुख्य महाप्रबंधक डॉ0 जगदीश सिंह, सन्युक्त-निदेशक,वी.बी. सिह, कुलसचिव, अधिष्ठाता, प्रध्यापक एवं अन्य शिक्षकगण एवं स्टाफ, छात्र/छात्राए उपस्थित रहे ।












