विनोद सिंह राजपूत, गुजरात
भरूच लोकल क्राइम ब्रांच के दो कांस्टेबल को कल तत्काल असर से सस्पेंड कर दिया गया जिसके पीछे की वजह बेहद चौंकाने वाली है यह दोनों शराब माफियाओं के मुखबिर से और छापेमारी से पहले ही उन्हें इसकी सूचना दे दिया करते थे जिसकी एवज में शराब माफिया से उन्हें तगड़ा इनाम मिलता था।

गुजरात पुलिस के दो कांस्टेबल को जासूसी करने के आरोप में सस्पेंड किया गया है. आरोप है कि ये लोग रुपये लेकर छापा मारने गए सिनियर पुलिस अधिकारियों की लोकेशन शराब माफिया को दे देते थे, मामले की जांच गृह विभाग को सौंप दी गई है. यह भी जांच होगी कि इसमें कहीं कोई सिनियर अधिकारी तो शामिल नहीं है। जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ समय से लगातार स्टेट मॉनिटरिंग सेल अवैध शराब माफिया पर रेड करने पहुंचती थी. मगर, हर बार वहांसे शराब माफिया गायब हो जाता था. इसके बाद स्टेट मॉनिटरिंग सेल को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ जरूर हो रही है. इसके बाद जांच शुरु कर दी गई,इस दौरान जांच में पाया गया कि भरूच जिला तहसील के कांस्टेबल अशोक और मयूर की भूमिका संदिग्ध मिली. दोनों स्टेट मॉनिटरिंग सेल के पुलिस इंस्पेक्टर और आईपीएस अधिकारियों के लोकेशन ट्रैक कर रहे थे। पता चला कि तीन महीनों में 15 से ज्यादा अधिकारियों का 600 बार लोकेशन ट्रैक की गई थी.

पता किया जा रही है कि इनके साथ मोबाइल कंपनी का कोई शख्स शामिल हैं या नहीं. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कांस्टेबल के अलावा इस मामले में कोई सिनियर अधिकारी तो कहीं इस पूरे खेल में शामिल नहीं था. अगर, ऐसा कोई सबूत मिलता है, तो गृह विभाग उन लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करेगा.















